🌙 ईद के 20 आदाब 🌙
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ईद उल फितर के दिन ये 20 काम जरूर करे !
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◆ इस मुबारक मिस्र, "दे दो ईदी में ग़म मदीने का" के बीस हुरूफ़ की निस्बत से ईद के 20 आदाब ईद के दिन येह उमूर मुस्तहब हैं :
1️⃣ *हजामत बनवाना (मगर जुल्फें बनवाइये न कि इंग्रजी बाल)*
2️⃣ नाखून तरासना
3️⃣ गुस्ल करना
4️⃣ मिस्वाक करना (ये उस के इलावा है जो वुजू में की जाती है)
5️⃣ अच्छे कपड़े पहनना, नए हों तो नए वरना, धुले हुए
6️⃣ *अंगूठी पहनना (जब कभी अंगूठी पहनिये तो इस बात का खास ख्याल रखिये कि सिर्फ साढ़े चार माशे से कम वजनी चांदी की एक ही अंगूठी पहनिये ! एक से ज़्यादा न पहनिये और उस एक अंगूठी में भी नगीना एक ही हो, एक से ज़ियादा नगीने न हों, बिगैर नगीने की भी मत पहनिये । नगीने के वजन को कोई कैद नहीं। चांदी का छल्ला या चांदी के बयान कर्दा वजन वगैरा के इलावा किसी भी धात की अंगूठी या छल्ला मर्द नहीं पहन सकता)*
7️⃣ *नमाजे फ़र्ज़ मस्जिदे मुहल्ला में पढ़ना !*
8️⃣ *ईद उल फितर की नमाज़ को जाने से पहले चन्द खजूर खा लेना, तीन, पांच, सात या कमोबेश मगर ताक हों। खजूर न हों तो कोई मीठी चीज़ खा लीजिये। अगर नमाज़ से पहले कुछ भी न खाया तो गुनाह न हुवा मगर ईशा तक न खाया तो इताब (मलामत) किया जाएगा !*
9️⃣ नमाजे ईद,ईदगाह में अदा करना
1️⃣0️⃣ *ईदगाह पैदल चलना*
1️⃣1️⃣ सुवारी पर भी जाने में हरज नहीं मगर जिस को पैदल जाने पर कुदरत हो उस के लिये पैदल जाना अफ़ज़ल है और वापसी पर सुवारी पर आने में हरज नहीं !
1️⃣2️⃣ *ईद के लिये एक रास्ते से जाना और दूसरे रास्ते से वापस आना*
1️⃣3️⃣ ईद की नमाज़ से पहले स-द-कए फितर अदा करना (अफ्ज़ल तो येही है मगर ईद की नमाज़ से कब्ल न दे सके तो बाद में दे दीजिये)
1️⃣️4️⃣ *खुशी जाहिर करना*
1️⃣5️⃣ कसरत से स-दका देना
1️⃣6️⃣ ईदगाह को इत्मीनान व वकार ! और नीची निगाह किये जाना
1️⃣7️⃣ *आपस में ईद की मुबारक बाद देना!*
1️⃣8️⃣ बाद नमाजे ईद मुसा-फाह (या'नी हाथ मिलाना) और मुआ-नका! (या'नी गले मिलना) जैसा कि उमूमन मुसलमान में राइज है बेहतर कि इस में इजहारे मसर्रत है
1️⃣9️⃣ मगर अमरद खूब सूरत से गले मिलना महल्ले फ़ितना है
2️⃣0️⃣ ईद उल फ़ित्र (या'नी मीठी ईद) की नमाज़ के लिये जाते हुए रास्ते में आहिस्ता से तक्बीर कहें और नमाज ईदे अज्हा के लिये जाते हुए रास्ते में बुलन्द आवाज से तक्बीर कहें । तक्बीर येह है :
*तरजमा : अल्लाह ﷻ सबसे बड़ा है, अल्लाह अल्लाह ﷻ सबसे बड़ा है, अल्लाह ﷻ के सिवा कोई इबादत के लाइक़ नहीं और अल्लाह ﷻ सबसे बड़ा है, अल्लाह ﷻ सबसे बड़ा है , अल्लाह ﷻ ही के लिये तमाम खूबियां हैं।*
📚 *(बहारे शरीअत, जि. 1. स. 779 ता 781,)*
📚( नमाज़े ईद का तरीक़ा सफ़ाह नं 6,7)
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