दुनिया का सबसे बड़ा मदरसा , जामिया अल अजहर - Asgar Ali Azhari

Latest

Asgar Ali Azhari

Heartly Welcome to our unique website . its Purpose to providing profitable Islamic quotes, Valuable articles and Motivational Stories through multiple languages as like English ,Arabic, Urdu and Hindi .... Thank you For visit ...

दुनिया का सबसे बड़ा मदरसा , जामिया अल अजहर


क्या आप दुनिया के सबसे बड़े मदरसा के बारे मेँ जानते हैं ?? 

Al azhar university , जामिया अल अजहर ,
 जामिया अल अजहर Front view of Al Azhar university 


दुनिया का सबसे बड़ा मदरसा , जामिया अल अजहर


मिस्र के शहर काहेरा में बना Al-Azhar university  ( जामिया अल अजहर )  दुनिया का सबसे बड़ा मदरसा माना जाता है । इस मदरसे में हर दिन 20 लाख से अधिक छात्र शिक्षा प्राप्त करते हैं । बनु फातिमा ने जब मिश्र पर फतेह कर के काहिरा को अपनी दारुल हुकुमत ( राजधानी ) बनाया तो जवाहर अल सिकली जो अबु तमीम का सिपह सालार था उसने 970 ईसवि में हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बेटी हजरत फातिमा जोहरा रजि अल्लाह अन्हा के नाम पर इस मदर्से कि बुनियाद रक्खी जो कि 972 मे बन कर कर तयार हो गयि । इस मदरसे पर हर साल 10 हजार करोड़ रूपए खर्च होते हैं । यह खर्च इतना बडा है कि इस रकम से हर साल रिलायंस , जियो जैसी कई बड़ी कंपनियां खोली जा सकती है । जामिया अल अज्हर में काम करने वालों की संख्या 8000 से भी अधिक है , यह दुनिया का सबसे आधुनिक मदरसा है जहां कुरान और हदीस के साथ फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायलोजी और विज्ञान की विभिन्न विषयों पर भि जबर्जस्त शिक्षा दी जाती है । गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के मुताबिक इस मदरसे में ही दुनिया की सबसे पहली यूनिवर्सिटी बनाई गई थि ।  

जामिया अल अजहर , hostel of foreigner students
जामिया अल अजहर , hostel of foreigner students 

आपको यह जानकर शायद हैरानी हो के जामिया अल अजहर यूनिवर्सिटी मिस्र के 4000 से भि अधिक स्कूलों का संचालन करती है । इसके खुद के छह (6) मेडिकल कॉलेज और 360 एकेडमिक डिपार्टमेंट हैँ । जामिया अल अज्हर मैं मौजूद लाइब्रेरी दुनिया की सबसे बड़ी लाइब्रेरीयों में से एक लाइब्रेरी है । बगदाद और स्पेन के बाद मिस्र के शहर काहेरा में बनी इस यूनिवर्सिटी में दूर-दूर से लोग पढ़ने आते थे । आज भी जामिया अल अज्हर मेँ  हर साल 50,000 से ज्यादा विदेशी छात्र मुफ्त तालीम हासिल करने आते हैं । जामिया अल अज्हर की शुरुआत एक मस्जिद मे हुई थी , लेकिन धीरे-धीरे यह इस्लामी दुनिया की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी बन गई । इमाम गजाली ,अबु इस्हाक इसफरानी और अबू बकर अल बकिलानी जैसे आलिमो और साइन्स्दानों ने भी इस यूनिवर्सिटी में अपनी सेवाएं दी । समाजशास्त्र और अर्थशास्त्र पर दुनिया की पहली पुस्तक लिखने वाले  इब्ने खलदून ने जामिया अल अज्हर में बैठकर ही " मुकद्दमा इब्ने खलदून " नामि किताब लिखा था जो कि मार्क जुकरबर्ग की सबसे फेवरेट किताब है  । आपको यह जानकर शायद हैरानी होगि कि जामिया अल यूनिवर्सिटी में हि सबसे पहले विभिन्न विषयों पर लेक्चर देने के लिए एक्सपर्ट बुलाने की परंपरा शुरू हुई जो आज दुनिया भर में इस्तेमाल की जाती है । मध्यकालीन युग में इस मदरसे में सबसे ज्यादा साइंस और टेक्नोलॉजी पर किताबें लिखी गई । मुसलमानों द्वारा फिजिक्स ,केमिस्ट्री , बायोलॉजी , एनटोमी , सर्जरी , मेथमेटिक्स पर लिखी गई किताबें आज भी आक्स्फोर्ड और कैन्ब्रेज जैसी यूनिवर्सिटीयों में पढ़ाई जाती है ।  

जामिया अल अजहर , Al azhar university
जामिया अल अजहर , hostel of foreigner students 

1789 में जब नेपोलियन बोनापार्ट मे मिश्र पर कबजा किया तो उसने इस मदरसे की बड़ी तारीफ की । उसने अपनी डायरी में लिखा कि ऐसि यूनिवर्सिटी तो पेरिस में भी मौजूद नहीं । मिस्र पर कब्जा करने के बाद नेपोलियन ने जब कंसल्टेशन काउंसिल का निर्माण किया तो उस के सभी नौ सदस्य  मुसलमान थे । यह सभी मुसलमान जामिया अजहर से पढ़कर निकले थे । जामिया अल अज्हर मानव इतिहास की पहली यूनिवर्सिटी थी जिसने महिलाओं की शिक्षा और स्वास्थ्य से संबंधित सम्मेलनों का आयोजन किया । इस मदरसे में हर साल लाखों मुसलमान हाफिज, कारी ,आलिम , मुफ्ती , डॉक्टर, इंजीनियर और साइंटिस्ट बन कर निकलते हैं । यह मदरसा उन सभी के मुंह पर जोरदार तमाचा के मुंह पर तमाचा है , जो कहते हैं कि मदरसे में आतंकवादी पैदा किए जाते हैं । 

अगर एक मुसलमान होने के नाते आपको गर्व महसूस हो रहा है आर्टिकल को अपने सभी दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें , मजीद ऐसे आर्टिकल पढने के लिए हमारे ब्लोग को फलो करेँ । 

Read this Also ...

अस्गर अलि अज्हरी ,
जामिया अल अज्हर युनिभर्सिटी , काएरो मिश्र 
3 aug 2020