रमजान शरीफ के रोजों के जरूरी मसाईल । - Asgar Ali Azhari

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रमजान शरीफ के रोजों के जरूरी मसाईल ।

*रमजान शरीफ के रोजों के जरूरी मसाईल*

Part-2



मोअज्जज कारिइने किराम !

पिछले पोस्ट मेँ हम ने रोजे के तअल्लुक से कुछ अहम और जरूरी मसायल का पहला हिस्सा पोस्ट किया था ! आज फिर हम उन्हिँ मसाइल मेँ से मजीद और भि मसाइल बयान करने जा रहे हैँ ।

16-दिन में सो रहा था नापाक हो गया तो भी रोजा नहीं टूटेगा बस नमाज के लिए स्नान कर ले ज्यादा देर तक नापाक नहीं रहना चाहिए।

17- *बगैर किसी मजबूरी* के *जानबूझकर* कर दिन में  खुल्लमखुल्ला खाना हराम है अगर इस्लामी बादशाह हो तो ऐसे लोगों का कत्ल कर दे।

18-दिन में रोजे की हालत में बीवी से हमबिस्तरी करना मना है जानबूझकर कर किया तो रोजा टूट जाएगा उस पर कजा ओर कफ्फारा दोनों जरूरी है।
अगर भूल कर किया ओर याद आते ही अलग हो गया तो रोजा नहीं टूटेगा

19-अपना थूक हाथ में लिया फिर निगल गया या दूसरे का थूक निगल लिया तो रोजा टूट जाएगा

 अगर अपना थूक मूंह में घुमाया फिर निगल गया तो रोजा नहीं टूटेगा।

20-ईद के दिन रोजा रखना हराम है अगर रख लिया है तो तोङ दे उस पर कजा भी नहीं है।

 21-कोलगेट करने में *यकीन हो* की उसके कतरे पेट में नहीं जाते तो कोलगेट कर सकते हैं आम तौर पर कतरे चले जाते हैं जाईका भी महसूस होता है इसीलिए रोजे की हालत में  बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए

 रोजे की हालत में कोलगेट की जगह नीम वगैरह की कङवी लकङी से मिस्वाक करना चाहिए बेहतर है।
या फिर सहरी के समय कोलगेट कर लें।

22-सहरी की कोई खास दुआ नहीं है कोइ भी दुआ कर सकते हैं न की तो भी कोई बात नहीं बस रोजे की निय्यत हो।

23-इफ्तारी की दुआ इफ्तारी करने के बाद पढी जाए।

24-टाईम टेबल के हिसाब से इफ्तारी करें अगर इफ्तारी के वक्त अजान हो जाए तो भी खा लें अजान मुकम्मल होने का इन्तिज़ार न करें क्योंकि इफ्तारी में देर करना मना है।

25-अगर खुद ब खुद उल्टी आ गई तो भी रोजा नहीं टूटेगा।

26-रोजे की हालत में कपड़े उतार कर नहाने से भी रोजा नहीं टूटता।

27-रोजे रखने के साथ नमाज ओर तरावीह नहीं पढता तो भी रोजा हो जाएगा हां नमाज छोङने का अलग गुनाह है नमाज नहीं छोङनी चाहिए।

28- रोजा तोङने की निय्यत की तो रोजा नहीं टूटेगा जब तक एसा काम न करे जिससे रोजा टूट जाता है।

29-शअबान की तीसरी तारीख को नफ्ली रोजा रख सकते हैं नफ्ल के अलावा की निय्यत मकरूह है।

30-भूल कर खा पी लिया या हमबिस्तरी कर ली तो रोजा नहीं टूटेगा।

31-मक्खी या धुआं या रेत मूंह में चली गई या चक्की से आटा पीसते वक्त या छानते वक्त गुबार मूंह में चला गया तो रोजा नहीं टूटता।

32-तेल या सुरमा लगाने से रोजा नहीं टूटता।

33- बीवी का बोसा लेने से रोजा नहीं टूटता बस बचना चाहिए।

34-स्नान किया या कुल्ली की ओर पानी फेंक दिया फिर कुछ मुंह में तरी रह गई जो थूक के साथ मुंह में चली गई तो रोजा नहीं टूटता

या दातों में खून आया ओर हल्क (नीङी) से नीचे नहीं उतरा तो ईन सब चीजों से रोजा नहीं टूटता।

35-बात करते वक्त होंट गीले हुए फिर उसे पी गया तो रोजा नहीं टूटता।

नोट ! मजीद जानकारी के लिए *रमजान शरीफ के रोजों के जरूरी मसाईल Part- 3 जरूर पढेँ ।


✏असग़र अली अज़्हरी


🎓अल् अज़हर विश्व बिद्यालय, काएरो मिश्र  ,


🗓 25 Apr 2020