अगर कोरोना ना होता तो कौन यकीन कर सकता था ? - Asgar Ali Azhari

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Asgar Ali Azhari

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अगर कोरोना ना होता तो कौन यकीन कर सकता था ?

कौन यकीन करेगा....... ??

* डाक्टर कोरोना का सिकार हो कर फौत हो जाएँगे और मरीज शिफा याब हो जाएँगे ।

कौन ऐतबार करेगा .......??

* जङ्ग जीतने के लिए फौजेँ भेजिं जाती थिँ , आज उन्हिँ को बचाने के लिए जङ्ग के मैदान से अलग किया जाएगा ।

कौन सच मानेगा ...... ???

* मस्जिदेँ बन्द हैं , इज्तिमाई नमाजों से रोक दिया गया है लेकिन उन मुल्कोँ में अजानेँ दि जा रहि हैँ जहाँ यह सारे काम गैर कानूनी थि ।

कौन यकीन कर सकता था ......???

* एक ताकतवर फौज मजबूत इकानोमी कि मालिक ताकतें जो यह कहती थिँ ओइ हमें कोइ खौफजदाह नहिँ कर सकता , आज खौफ व हरास में जी रहि हैं ।

कौन यकीन करेगा ..... ??

* इटली का एक वफ्द जो कि सोमालिया जैसे गरीब मुल्क मेँ था , लेकिन उस ने अपने मुल्क इटली जाने से इन्कार कर दिया और सोमालिया कि हुकुमत से दरख्वास्त किया कि उसे वहिँं मुस्तकिल कियाम कि इजाजत दि जाए ।

है कोइ ऐतबार करने वाला ....???

* सोमालिया के वजीर ए आजम ने अपना दौर-ए इक्तेदार खतम होने के वाद सुकून और खुशहाली जिन्दगी गुजारने के लिए इङ्लैन्ड को हिजरत कि और इङ्लैन्ड में हि कोरोना वायरस कि वज्ह से इन्तेकाल हो गिया ।

किसे यकीन आएगा .....??

* अमेरिकी सदर डोनाल्ड ट्रम्प ने मेक्सिको के गैर कानूनी मुहाजिरीन को अमेरिका में दाखले से रोक्ने के लिए दोनो मुल्कोँ के बीच एक दीवार बनाई थि ....
आज अमेरिकी गैर कानूनी मुहाजिरीन को रोकने के लिए मेक्सिको उसि दिवार का इस्तेअमाअल कर रहा है ।

कौन यकीन कर सकता था .....???

* ह्वाइट हाउस मेँ कुरआन कि तिलावत कि जाएगी जहाँ उसे दहशत कि अलामत सम्झी जाती थि , और अमेरिकी और मगरिबी अखबारात और मजहब बेजार मुल्कोँ में अहादीस ए नबवी कि तफसीर और तशरीह कि जाएगी ।

कोइ है यकीन करने वाला .....???

* जो डाक्टर कुदरती तरीके से इलाज करने के खिलाफ थे , वह आज अपनी पेशावराना नाकामी के बाद इस वबा के इलाज के लिए कुदरती इलाज कि तलाश में हैँ ।

यह तमाम बातेँ अगर आज से ३ माह पहले कहि जातिँ तो हम मे से कोइ भि इन बातोँ का यकीन नहिँ कर सकता था , शायद ऐसि बाते करने वाले को बेवकुफ हि सम्झा जाता , लेकिन मेरे रब कि सान हि क्या निराली है , जिस ने कभी तबदील न होने वाली चिजों को तबदील कर के हि छोड दिया ।

अल्लाह तआला से दुआ है कि , रब्बे कदीर हम सब को इस वबा से जल्द अज जल्द नजात अता फरमाए ।

आमीन या रब्बल आलमीन 

Raza Azhari 
Cairo, Egypt