इस्लाहे मुआशरा पर ज़बरदस्त तहरीर । - Asgar Ali Azhari

Latest

Asgar Ali Azhari

Heartly Welcome to our unique website . its Purpose to providing profitable Islamic quotes, Valuable articles and Motivational Stories through multiple languages as like English ,Arabic, Urdu and Hindi .... Thank you For visit ...

इस्लाहे मुआशरा पर ज़बरदस्त तहरीर ।


इस्लाहे मुआशरा पर ज़बरदस्त तहरीर 



एक शागिर्द ने अपने उस्ताज़ से कहा " हम लोग रोज़ाना इतने सारे गुनाह करते हैँ फिर भी अल्लाह तआला हमेँ अज़ाब क्यों नहीं देता ??  "
शागिर्द कि बात सुन कर उस्ताज़ मुस्कुराए और कहा " अल्लाह के अज़ाबों मेँ से एक अज़ाब यह भी है कि वो अज़ाब देता है मगर हम उस को महसूस नहीं करते ।
# तुम्हारे दिल कि नरमी दूर होना और अल्लाह के अज़ाबों से डर कर निकलने वाला आंसू रुक जाना क्या इस बात कि गवाही नहीं देता कि अल्लाह तुम से नाराज़ है ???
# तुम्हारे क़दम भलाई और नेक काम कि तरफ बढ़ने से रुक जाना और सिर्फ गुनाह कि तरफ बढ़ने मेँ दिलचस्पी लेना क्या इस बात कि गवाही नहीं है कि अल्लाह तुम से नाराज़ है ???
# तुम्हारे कुरआन को तिलावत न किए हुए महीनों बीत जाते हैँ क्या इस बात कि गवाही नहीं है कि अल्लाह तुम से नाराज़ है ???
# न नमाज़ मेँ तुम्हारा दिल लगता है न इबादत करने में हि,  अल्लाह के सामने खड़े होने कि तौफ़ीक़ तुम्हें नहीं मिलती क्या इस बात कि गवाही नहीं है कि अल्लाह तुम से नाराज़ है ???
# नमाज़ में हमारा दिल का न लगना,  अल्लाह के अज़ाब,  क़ब्र वो हश्र  के अज़ाब,  क़ियामत कि हौलनाकिया के बारे में सुन कर पढ़ कर भी हमारे आँख से डर के आंसू ना निकलना क्या इस बात कि गवाही नहीं है कि अल्लाह तुम से नाराज़ है ???
# न जाने कितनी मर्तबा तुम्हारे सामने से यह आयत ( और अगर हम ने यह कुरआन किसी पहाड़ पर नाज़िल किया होता तो वह पहाड़ अल्लाह के डर से रेज़ा रेज़ा हो जाता " गुज़री फिर भी तुम अनजान बन कर बैठे रहे. क्या इस बात कि गवाही नहीं है कि अल्लाह तुम से नाराज़ है ???
# न जाने कितनी लम्बी लम्बी रातें तुम्हारी ज़िन्दगी में आई,  या आएंगी,  रमज़ान,  शाबान,  शबे कदर,  शबे बरात जैसी बा बरकत रातों में भी तुम गफलत कि नींद सोते रहे क्या इस बात कि गवाही नहीं है कि अल्लाह तुम से नाराज़ है ???
# तुम्हारी जिंदगी में कुरआन और हदीस का इल्म सिखने के लिए लाखौ मौके आए,  फिर भी तुम ने उसे गनीमत नहीं समझा क्या इस बात कि गवाही नहीं है कि अल्लाह तुम से नाराज़ है ???

क्या इस से भी बड़ी सज़ा और कोई हो सकती है??? 

# नेक काम तुम्हें बोझ क्यों महसूस होते है ??
# अल्लाह के ज़िक्र से तुम्हारी जुबां क्यों लड़खड़ाती है ??
# अल्लाह के खौफ से तुम्हारे आंसू क्यों नहीं गिरते ??
# अल्लाह के सामने तूम को झुकना क्यों नहीं आता ?
# ख्वाहिशात के सामने क्यों कमज़ोर पड़ जाते हो?


यह सारी बाते क्या इस बात कि गवाही और दलील हि तो है  कि अल्लाह तुम से नाराज़ है .
{ अल्लाह हम सब को नेक अमल करने कि तौफ़ीक़ अता फरमाए  }

🖊️अस्गर अलि अज्हरी 

📆 22 dec 2019