सदका करने के कुछ छोटे छोटे तरिके !
सदका करने के कुछ छोटे छोटे तरिके !
* अपने कमरे कि खिडकियोँ या छत वगैरह में परिन्दोँ के लिए दाना या पानी रखिए ।
* अपनी मस्जिद में कुछ कुर्सियाँ रख दिजिए , जिस पर लोग बैठ कर नमाज पढ सकेँ ।
* सर्दियोँ मेँ मोजे , मफ्लर या टोपी वगैरह अपने मुलाजिम को तोहफे में दे दिजिए ।
* गर्मियों में सडक वगैरा बाहरी इलाकोँ मे काम करने वाले मजदूरों के लिए पानी दे दिजिए ।
* अपनी मस्जिद या किसि इज्तिमाअ में पानी पिलाने का इन्तेजाम किजिए ।
* कुरआन ए मजिद का एक नुस्खा लेकर किसि को दे दिजिए या मस्जिद में रख दिजिए ।
* किसि माअजोर को पहिय वाली कुर्सी दे दिजिए ।
* अपनी पानी कि बोतल का बचा हुआ पानी किसि पौदे मेँ डाल दिजिए ।
* किसि गम्जदा के लिए मुसर्रत का सबब बनिए ।
* लोगोँ से मुस्कुरा कर पेश आइए और अच्छी बात किजिए ।
* गलि मोहल्ले के मरीज कि इयादत को जाना अपने उपर लाजिम किजिए ।
* अस्पताल जाइए तो अपने अगल बगल वाले मरिजोँ के लिए भि कुछ लेते जाइए ।
* हैसियत हो तो कुछ जग्होँ पर पानी का कूलर लगवाइए ।
* मुर्दोँ के इसाल ए सवाब के लिए जिन्दोँ पर खर्च किजिए ।
* किसि को बुराइ के कामोँ से रोकना भि सदका है ।
* रास्ते से पत्थर , ईँटा , हड्डियाँ या किसि तरह कि रुकावट वाली चिजोँ को हटाना भि सदका है ।
* भटके हुए आदमी को रास्ता बताना भि सदका है ।
मदद के लिए पुकारने वाले कि दौड कर मदद करना भि सदका है ।
* सवाब कि नियत से अपने घर वालोँ पर खर्च करना भि सदका है ।
* दो लोगोँ के बिच इन्साफ करना भि सदका है ।
* नमाज के लिए चल कर जाने वाला हर कदम सदका है ।
* किसि मुसिबत जदा हाजत मन्द कि मदद करना भि सदका है ।
* इल्म सिख कर दूसरोँ को सिखाना भि सदका है ।
* किसि हाजतमन्द को अपनी सवारी पर बिठाना भि सुन्नत है ।
