" दुरुदे ताज " इंतेहाई मोहब्बत भरा अंदाज के साथ
कहने लगा ,
"मेरे महबूब के बारे में पूछते हो" ❤
मेरे महबूब साहेबुत्ताज ,
वल मेराज ,
वल बुराक ,
वल अलम ❤
"कहने लगा करते क्या है"?
दाफइल बला ,
वल वबा ,
वल कहत ,
वल मरज,
वल अलम❤
" आपके महबूब का नाम कहां है "?
इसमे मकतूब ,
मरफुउन ,
मश्फुउन ,
मन्कुशुन ,
फिल लौहे ,
वल कलम ❤
" वह कहां के सरदार है " ?
सैयद उल अरब ,
वल अजम❤
" उनका जिस्म कैसा है "?
कहने लगा जिसमुहु मुकद्दस ,
मोअत्तर ,
मुतह्हर ,
मुनव्वर ,
फिल बैति ,
वल हरम❤
" जिस्म ऐसा प्यारा तो चेहरा कैसा है "?
कहने लगा शमशु दोहा ,
बदरू दूजा,
सदरुल ओला ,
नूरुल हुदा ,
कहफुलवरा ,
मिस्बाहु ल जुलम❤
" आदतें कैसी हैं "?
जमीलू स शिअम ,
" वह करते क्या हैं "?
शफीउल उमम❤
"उनके पास है क्या वह देते क्या "?
सहाबुल जूदो वल करम❤
"इतनी शान वाले ,इतनी अजमत वाले ,उनकी हिफाजत कौन करता है "?
अल्लाहु आसिमुह❤
"उनके खादिम कौन है "?
जिब्रइल खादिमुह❤
" उनकी सवारी कौन सी है "?
अल बुराक मरकबहु❤
" वह सफर कहां का करते हैं?
आशिक कहने लगा अल्मेराज सफरहु ,
" कहां तक सफर करते हैं?
सिद्रतुल मुंतहा मकामहु,
वकाब कौसैन मतलूबुह,
वल मतलूब मकसूदहु,
वल मकसूदा मौजूदहु,
" वह कहां के सरदार हैं " ?
किन के सरदार हैं?
सैयद उल मुरसलीन ,
खातमुन नबिइ्न ,
शफिऊल मुज्नबिन ,
अनिसुल गरिबिइन ,
रहमतुल्लिल आलमिन ,
राहातुल आशिकिन ,
मुरादुल मुशताकिन ,
शम्सुल आरेफिन,
सेराजुल सालेकिन ,
सेराजुल मुकार्रबिन❤❤
" मालदारो और अमीरों से ही मोहब्बत करते हैं या गरीबों का भी ख्याल करते हैं "?
आशिक कहता है कैसी बात करते हो मेरा महबूब तो...... ❤
मुहिब्बुल फुकरा ,
वल गुरबा ,
वल मसाकीन ,
सैयद उल सकलैन ,
नबीउल हरमैन ,
इमामुल किब्लतैन ,
" तुम्हें क्या मिलेगा?
वसिलतिना फिद्दारैन ,
साहब व काब व कौसैन ❤❤
" यह दुनिया वाले ही मोहब्बत करते हैं या कोई और भी "? महबूबो रब्बुल मशरीकैन वल मग्रीबैन ❤
"उनकी औलाद कैसी हैं "?
जद्दुल हसनि वल हुसैन
मौलाना व मौला सकलैन
क्या यार
इतनी अजमतों वाला तेरा महबूब उनका नाम तो बता दो उनका नाम क्या है?
अबिल कासिम मोहम्मद बिन अब्दुल्लाह नूरम मिन नुरिल्लाह ,या अैयुहल मुश्ताकुन बि नुरि जमालेहि ,
अए आशिको उनके नूर जमाल में गुम हो जाओ ,
ऐसा नूर कि जिसे देखते ही हस्सान बिन साबित बोल उठे ,
व अहसनु मिन्क लम तरकत्तु अैनि ,
व अजमलू मिन्क लम तलिदिन निसाउ ,
खुलिक्त मुबर अम मिन कुल्लि अैबिन
कअन्नक कद खुलिक्त कमा तशाऊ ,
और हजरत शेख सआदी अर्ज गुजार हुए
बलगल उला बी कमलीही
कश्फ दूजा बि जमालीहि
हसूनत जमी व खेसालिहि
और गैब से आवाज आई
सल्लू अलेही वा आलीही वसल्लीमू तस्लीमा
♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️♥️
